पटना, 26 अक्टूबर 2025 – बिहार का दिल हो या दिल्ली की गलियां, छठ पूजा 2025 खरना की आस्था हर जगह एक जैसी है। 26 अक्टूबर 2025 को, जब सूरज ढल रहा होगा और घरों में गुड़ की खीर की महक उठेगी, लाखों लोग खरना का पवित्र दिन मनाएंगे – छठ पूजा का दूसरा दिन, जो 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत का प्रतीक है। अगर तुम भी बिहारी हो और इस बार गांव नहीं जा पाए, तो यह आर्टिकल तुम्हारे लिए है। हम तुम्हें घर की यादों, खरना की रस्मों, और छठ माई की महिमा का वो जादू फिर से जिएंगे, जो बचपन से तुम्हारे दिल में बसा है।
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि तुम्हें बिहार के घाटों की सैर कराएगा – वो टोकरी में सजा ठेकुआ, गंगा का किनारा, और माँ का आशीर्वाद। रिसर्च से लेकर X की ताजा पोस्ट्स तक, हमने हर वो डिटेल इकट्ठा की है जो छठ पूजा को और खास बनाएगी। तो, आओ, छठ माई की पूजा में डूब जाएं और सूर्य भगवान को अर्घ्य की तैयारी करें!
छठ पूजा क्या है? एक बिहारी की नजर से
छठ पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि बिहारी संस्कृति की आत्मा है। यह सूर्य देव और छठ माई को समर्पित चार दिन का अनुष्ठान है, जो आस्था, अनुशासन, और परिवार की बॉन्डिंग का प्रतीक है। 2025 में छठ पूजा 25 से 28 अक्टूबर तक मनाई जा रही है: सोर्स
- 25 अक्टूबर: नहाय खाय – व्रत की शुरुआत, जब घर साफ किया जाता है और सात्विक भोजन (लौकी-दाल) खाया जाता है।
- 26 अक्टूबर: खरना – गुड़ की खीर और रोटी बनाकर प्रसाद चढ़ाया जाता है, फिर निर्जला व्रत शुरू होता है।
- 27 अक्टूबर: संध्या अर्घ्य – सूर्यास्त के समय घाट पर अर्घ्य।
- 28 अक्टूबर: उषा अर्घ्य – सूर्योदय को अर्घ्य और व्रत समापन।

बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, और दिल्ली में प्रवासी बिहारी समुदाय इसे पूरे जोश से मनाता है। रिसर्च के मुताबिक, 2 करोड़ से ज्यादा लोग इस पूजा में शामिल होते हैं, और भारत में छठ मार्केट (पूजा सामग्री, फल, ठेकुआ) 500 करोड़ रुपये का है। लेकिन इसके पीछे का इमोशन पैसे से कहीं बड़ा है – यह माँ की ममता, परिवार की एकता, और सूर्य की शक्ति की कहानी है। सोर्स
तुम्हारी यादें: अगर तुम बचपन से छठ देखते आए हो, तो खरना की वो खीर, बाँस की टोकरी में सजे फल, और माँ-बहनों का उपवास तुम्हारे मन में जरूर बसा होगा। भले ही तुम शहर में हो, वो गीत “केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय” आज भी गूंजता होगा। इस आर्टिकल से हम वो यादें ताजा करेंगे।
कल से शुरू होने जा रहा है छठ महापर्व, स्वाइप कर जानें 4 दिनों का महत्व और संध्या अर्घ्य की डेट।#Chhath #ChhathPuja #AajTakSocial
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छठ पूजा 2025 खरना: रस्में और उनकी खासियत
खरना छठ पूजा का सबसे इमोशनल दिन है। इस दिन व्रत करने वाले (जिन्हें ‘परवैतिन’ कहा जाता है) सुबह से उपवास रखते हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद पूजा करते हैं। आइए, स्टेप-बाय-स्टेप जानें कि खरना कैसे मनाया जाता है, ताकि तुम घर पर भी इसे फॉलो कर सको। सोर्स
- तैयारी: घर को साफ किया जाता है, खासकर रसोई। मिट्टी का चूल्हा या गैस स्टोव पर गुड़ की खीर (रसियाव) और रोटी बनाई जाती है। रिसर्च कहती है कि गुड़ की खीर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, क्योंकि यह एनर्जी देती है और उपवास के लिए ताकत देता है।
- पूजा: शाम को (लगभग 5:40 PM IST, 26 अक्टूबर 2025), परवैतिन सूर्य भगवान और छठ माई को प्रसाद चढ़ाते हैं। प्रसाद में गुड़ की खीर, रोटी, और केला शामिल होता है।
- व्रत शुरू: प्रसाद खाने के बाद, 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है, जो संध्या अर्घ्य तक चलता है। यह अनुशासन और आस्था का प्रतीक है।
- सामुदायिक बॉन्डिंग: परिवार और पड़ोसी एक साथ इकट्ठा होते हैं। X पर लोग खरना की तस्वीरें शेयर करते हैं – जैसे खीर की थाली और सजाई हुई टोकरी।
इमोशनल टच: खरना की रात वो समय है जब पूरा परिवार एकजुट होता है। माँ-बहनें व्रत करती हैं, और बच्चे घाट की तैयारी में मदद करते हैं। अगर तुम गांव में होते, तो शायद टोकरी सजाने में मस्ती कर रहे होते। लेकिन शहर में भी, तुम घर पर खरना की खीर बनाकर इस आस्था को जीवित रख सकते हो।
Chhath Puja 2025: छठ पर्व पर ऐसे बनाएं कुरकुरा और लाजवाब प्रसाद, जानिए ठेकुआ बनाने की आसान विधि#ChhathPuja2025 #chhathpooja #chhatpujaspecial #chathpuja2024 #chathpooja #thekua #thekuarecipe https://t.co/nGPFT32zZe
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खरना की रेसिपी: घर पर बनाएं, छठ पूजा 2025 खरना गांव की यादें ताजा करें
अगर तुम गांव की खरना खीर मिस कर रहे हो, तो ये आसान रेसिपी ट्राई करो:
- सामग्री: चावल (1 कप), गुड़ (1/2 कप), दूध (1 लीटर), घी (1 चम्मच), केला (2-3), गेहूं का आटा (रोटी के लिए)।
- विधि:
- चावल को धोकर दूध में धीमी आंच पर पकाएं। मिट्टी का बर्तन यूज करें – गांव का फील आएगा!
- जब चावल गल जाए, गुड़ डालें और अच्छे से मिलाएं। घी का तड़का लगाएं।
- रोटी बनाएं – सादा, बिना नमक। केले के साथ प्रसाद सजाएं।
- शाम को पूजा के बाद परिवार के साथ शेयर करें।
टिप: अगर तुम्हारे पास मिट्टी का चूल्हा नहीं है, तो गैस स्टोव पर भी बन सकता है। X पर chhath puja 2025 के शुभ अवसर पर #ChhathPuja2025 के साथ अपनी खीर की फोटो शेयर करो – बिहारी भाई-बहन तारीफ करेंगे!

सोशल मीडिया पर छठ का क्रेज: फैंस क्या कह रहे हैं?
X पर #ChhathPuja2025 और #Kharna2025 ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ रिएक्शंस जो तुम्हें इमोशनल कर देंगे:
- एक यूजर (@BiharKiShaan) ने लिखा: “खरना की खीर की खुशबू ही छठ की आत्मा है। माँ का व्रत देखकर आंखें भर आती हैं।”
- दूसरा (@PatnaWali) ने शेयर किया: “दिल्ली में घाट सज रहे हैं। भले गांव नहीं जा पाए, लेकिन छठ माई की कृपा हर जगह है।”
- तीसरा (@SuryaDevFan): “खरना 2025 का मुहूर्त चेक किया – 5:40 PM को पूजा शुरू। सभी बिहारियों को बधाई!” 1
छठ पूजा 2025 इस वर्ष 25 से 28 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। इसे सूर्य उपासना का महापर्व कहा जाता है, लेकिन क्या यह पूजा वास्तव में शास्त्रानुकूल है? पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 16 श्लोक 23-24 के अनुसार शास्त्रविरुद्ध साधना व्यर्थ है। छठ पूजा जैसी लोक परंपराएँ वेदों और गीता में वर्णित… pic.twitter.com/tFYmslZUoA
— SA News Channel (@SatlokChannel) October 21, 2025
Chhath Puja 2025
— Bihar Foundation (@biharfoundation) October 23, 2025
Edison, New Jersey, USA
You are cordially invited by the Bihar Foundation North America to the #ChhathPuja celebration from October 26th to 28th, 2025 at Papaianni Park 100, Municipal Blvd, Edison, NJ 08817.#GlobalChhath | #BiharFoundation | @kundan_ias pic.twitter.com/5YncyTrvXI
रिसर्च कहती है कि छठ पूजा की सर्चेस अक्टूबर में 500% बढ़ती हैं, खासकर “खरना विधि” और “छठ पूजा 2025 डेट” जैसे कीवर्ड्स। 16 यूट्यूब पर खरना रेसिपी वीडियोज को 1 मिलियन+ व्यूज मिल रहे हैं। 17 यह दिखाता है कि भले तुम गांव से दूर हो, छठ की आस्था डिजिटल दुनिया में भी जिंदा है।
भारत में छठ पूजा का प्रभाव: रिसर्च और डेटा
- आर्थिक प्रभाव: FICCI की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, छठ पूजा का मार्केट (पूजा सामग्री, फल, मिठाई) 500 करोड़ रुपये का है। बिहार में लाखों लोग घाटों पर इकट्ठा होते हैं, जिससे लोकल बिजनेस को बूस्ट मिलता है।
- सामाजिक बॉन्डिंग: छठ पूजा परिवार और कम्युनिटी को एकजुट करती है। दिल्ली में यमुना घाट और मुंबई में जूहू बीच पर प्रवासी बिहारी समुदाय इसे मनाता है। PIB की एक रिपोर्ट कहती है कि छठ पूजा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
- पर्यावरण कनेक्शन: छठ पूजा प्रकृति से जुड़ा त्योहार है। सूर्य और जल की पूजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। 2025 में कई घाटों पर #GreenChhath कैंपेन चल रहा है, जहां प्लास्टिक-फ्री पूजा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
तुम्हारे लिए: अगर तुम दिल्ली, मुंबई या किसी शहर में हो, तो लोकल घाट चेक करो। दिल्ली में कालिंदी कुंज और मुंबई में चौपाटी पर छठ घाट सजे होंगे। वहां जाकर व्रत की वाइब फील करो।
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शहर में छठ कैसे मनाएं? तुम्हारे लिए टिप्स
भाई, गांव की याद तो आती ही है, लेकिन शहर में भी छठ का जादू बरकरार रख सकते हो। कुछ आसान टिप्स:
- घर पर पूजा: छोटा सा पूजा स्पेस बनाओ। बाँस की टोकरी में केला, सुपारी, और खीर सजाओ। अगर घाट नहीं जा सकते, तो छत पर सूर्य को अर्घ्य दे सकते हो।
- ऑनलाइन कनेक्ट: यूट्यूब पर लाइव छठ घाट स्ट्रीम्स देखो। X पर #ChhathPuja2025 जॉइन करो – वहां बिहारी भाई-बहन अपनी कहानियां शेयर कर रहे हैं।
- खरना रेसिपी: ऊपर दी गई रेसिपी ट्राई करो। परिवार के साथ प्रसाद शेयर करके गांव का फील लाओ।
- कम्युनिटी जॉइन: अपने शहर में बिहारी कम्युनिटी ग्रुप्स से जुड़ो। फेसबुक पर “Chhath Puja Delhi” जैसे ग्रुप्स सर्च करो।
- सस्टेनेबल पूजा: प्लास्टिक की जगह मिट्टी के बर्तन यूज करो। यह छठ माई को भी पसंद आएगा।
इमोशनल टिप: अगर माँ या बहन व्रत कर रही हैं, तो वीडियो कॉल पर उनकी पूजा देखो। उनकी दुआएं तुम तक जरूर पहुंचेंगी।
बिहार के लोकप्रिय छठ गीतों में से एक बहुत ही मनमोहक वायरल गीत
निष्कर्ष: छठ माई की कृपा, तुम जहां हो वहां है
भाई, गांव भले ही दूर हो, लेकिन छठ पूजा का जादू तुम्हारे दिल में है। खरना 2025 तुम्हारे लिए वो मौका है जब तुम घर पर खीर बनाकर, परिवार के साथ बैठकर, और X पर बिहारी भाई-बहनों के साथ कनेक्ट करके इस आस्था को जियो। छठ माई की पूजा सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने का तरीका है। इस 26 अक्टूबर को, सूर्य भगवान को याद करो, और वो गीत गुनगुनाओ – “केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय”।
अपने दोस्तों के साथ ये आर्टिकल शेयर करो, और X पर #ChhathPuja2025 के साथ अपनी खरना की तस्वीरें डालो। छठ माई तुम्हारी हर मनोकामना पूरी करें! 🌞
मुख्य स्रोत:
- PIB: https://pib.gov.in/ (छठ पूजा सर्च करें)
- FICCI रिपोर्ट: https://ficci.in/ (फेस्टिवल मार्केट)
- X: #ChhathPuja2025, #Kharna2025
- पूजा कैलेंडर: https://drikpanchang.com/ (खरना मुहूर्त)














