नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2025 – केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने स्पेशल कैंपेन 5.0 को सक्रिय रूप से लागू करते हुए सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह अभियान, जो प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के दिशानिर्देशों पर आधारित है, न केवल कार्यालयों की सफाई पर फोकस करता है बल्कि लंबित मामलों के निपटारे, डिजिटाइजेशन और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेस को भी प्रोत्साहित करता है। देशभर में आयकर कार्यालयों में इस अभियान की शुरुआत से अब तक हासिल की गई उपलब्धियां आम जनता के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन रही हैं, क्योंकि यह न केवल सरकारी प्रक्रियाओं को तेज बनाती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा देती है।
चर्चा का विषय
CBDT द्वारा स्पेशल कैंपेन 5.0 की पृष्ठभूमि और इतिहास
स्पेशल कैंपेन 5.0 भारत सरकार की स्वच्छ भारत मिशन की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान का विस्तार है। स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य देश को खुले में शौच मुक्त बनाना और स्वच्छता को एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाना था। इसके तहत लाखों शौचालयों का निर्माण हुआ, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाए गए, और जन जागरूकता फैलाई गई। लेकिन समय के साथ, यह अभियान सरकारी कार्यालयों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक फैल गया, क्योंकि स्वच्छता केवल सड़कों या गांवों तक सीमित नहीं रह सकती – इसे कार्यालयों की संस्कृति में शामिल करना आवश्यक है।
DARPG द्वारा निर्देशित स्पेशल कैंपेन की श्रृंखला 2021 से शुरू हुई, जब स्पेशल कैंपेन 1.0 लॉन्च किया गया। प्रत्येक संस्करण में फोकस बढ़ता गया: पहले संस्करण में मुख्य रूप से लंबित शिकायतों का निपटारा था, जबकि बाद के संस्करणों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी को जोड़ा गया। स्पेशल कैंपेन 5.0, जो 2025 में चल रहा है, अब तक का सबसे व्यापक है। इसका प्रारंभिक चरण 15 से 30 सितंबर 2025 तक था, जहां लक्ष्यों की पहचान की गई, और कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक है। इस अभियान का मुख्य फोकस ‘स्वच्छता ही सेवा’ (SHS) पर है, जो सितंबर 2025 में चला, जिसमें सफाई मित्रों (सैनिटेशन वर्कर्स) के लिए मेडिकल कैंप, पार्कों की सफाई और ‘एक दिन एक घंटा एक साथ’ जैसे श्रमदान शामिल थे।
CBDT, जो वित्त मंत्रालय के अधीन है, इस अभियान को आयकर विभाग के माध्यम से लागू कर रहा है। CBDT का इतिहास 1963 से शुरू होता है, जब इसे प्रत्यक्ष करों के प्रशासन के लिए स्थापित किया गया। आज, यह देशभर में हजारों कार्यालयों का प्रबंधन करता है, जहां करोड़ों करदाताओं की शिकायतें और फाइलें संभाली जाती हैं। इस अभियान से पहले, कार्यालयों में पुरानी फाइलों का ढेर, स्पेस की कमी और शिकायतों का बैकलॉग एक बड़ी समस्या था। स्पेशल कैंपेन 5.0 इस समस्या का समाधान है, जो न केवल सफाई करता है बल्कि डिजिटल इंडिया के उद्देश्यों को भी आगे बढ़ाता है। आम जनता के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर सरकारी कार्यालय कुशल होंगे, तो टैक्स रिटर्न, रिफंड और शिकायतें तेजी से निपटेंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
उदाहरण के लिए, पिछले अभियानों में DARPG ने रिपोर्ट किया कि 2024 तक 1 करोड़ से अधिक शिकायतें निपटाई गईं, और लाखों वर्ग फुट स्पेस फ्री किया गया। स्पेशल कैंपेन 5.0 में CBDT की भूमिका अनुकरणीय है, क्योंकि यह विभाग देश की अर्थव्यवस्था का backbone है। यदि आप एक सामान्य करदाता हैं, तो समझिए कि यह अभियान आपके टैक्स से जुड़े मुद्दों को तेजी से सॉल्व करने में मदद करेगा।
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CBDT की भूमिका और अभियान के उद्देश्य
CBDT ने इस अभियान को देशभर के फील्ड फॉर्मेशन्स के माध्यम से लागू किया है। एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो क्षेत्रीय समकक्षों के साथ समन्वय करता है, और दैनिक प्रगति को DARPG के SCDPM पोर्टल पर अपलोड करता है। अभियान के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- स्वच्छता को बढ़ावा: कार्यालयों में सफाई ड्राइव, कचरा निपटान और ग्रीन इनिशिएटिव्स।
- प्रशासनिक दक्षता: पुरानी फाइलों का वीडिंग आउट, स्पेस ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटाइजेशन।
- शिकायत निपटारा: पब्लिक ग्रीवांस को प्राथमिकता से सॉल्व करना।
- सस्टेनेबिलिटी: ई-वेस्ट का जिम्मेदार निपटान और वेस्ट-टू-आर्ट जैसे इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स।
- जन भागीदारी: सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता, जैसे X (पूर्व ट्विटर) पर 300 से अधिक पोस्ट्स।
इन उद्देश्यों से आम जनता को सीधा लाभ मिलता है। उदाहरणस्वरूप, यदि आपकी टैक्स रिफंड की शिकायत लंबित है, तो इस अभियान के तहत इसे तेजी से निपटाया जा सकता है। अभियान के पहले दो हफ्तों में ही 10,000 से अधिक शिकायतें सॉल्व की गईं, जो एक रिकॉर्ड है। इसके अलावा, 700 से अधिक साइट्स पर सफाई ड्राइव चलाई गईं, जिससे 12 लाख रुपये से अधिक की स्क्रैप बिक्री हुई, 42,000 फाइलें हटाई गईं और 50,000 वर्ग फुट स्पेस फ्री किया गया। यह पैसा अंततः सरकारी खजाने में जाता है, जो विकास कार्यों में लगता है।
आम नागरिक के रूप में, आप सोच सकते हैं कि यह केवल सरकारी बातें हैं, लेकिन नहीं – स्वच्छ कार्यालय मतलब तेज सर्विसेस। यदि कार्यालय अव्यवस्थित हैं, तो आपका काम धीमा होता है; यदि डिजिटाइज्ड हैं, तो ऑनलाइन ट्रैकिंग आसान हो जाता है। CBDT की वेबसाइट www. पर आप अपनी शिकायतें ट्रैक कर सकते हैं, और इस अभियान से यह प्रक्रिया और बेहतर हो रही है।

CBDT द्वारा स्पेशल कैंपेन 5.0 की प्रमुख पहलें और उनकी व्याख्या
अभियान में कई इनोवेटिव पहलें शामिल हैं, जिन्हें हम विस्तार से समझते हैं। ये पहलें न केवल CBDT के कार्यालयों तक सीमित हैं बल्कि आम जनता को प्रेरित करती हैं कि वे अपने घरों और समुदायों में स्वच्छता अपनाएं।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में डिजिटल फाइल इन्वेंटरी और स्पेस ऑप्टिमाइजेशन:
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय ने एक QR कोड-बेस्ड फाइल इन्वेंटरी मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इससे 10,000 से अधिक रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज और इंडेक्स किया गया, जो इंस्टेंट रिट्रीवल की सुविधा देता है। साथ ही, दो रिकॉर्ड रूम्स को मर्ज करके 500 वर्ग फुट स्पेस फ्री किया गया। व्याख्या और लाभ: डिजिटलाइजेशन का मतलब है कि पुरानी फाइलें अब कागज पर नहीं बल्कि क्लाउड पर स्टोर हैं। आम जनता के लिए, यदि आपका पुराना टैक्स केस है, तो इसे अब मिनटों में एक्सेस किया जा सकता है। घर पर आप भी अपने दस्तावेजों को स्कैन करके डिजिटल रख सकते हैं – ऐप्स जैसे Google Drive या DigiLocker का इस्तेमाल करें। यह पर्यावरण बचाता है क्योंकि कागज कम होता है, और स्पेस की बचत से कार्यालयों में नए सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। यदि आप एक छोटे व्यवसायी हैं, तो समझिए कि यह आपकी फाइलों को सुरक्षित बनाता है। - जयपुर में ‘प्रभात फेरी’ – स्वच्छ भारत की प्रतिबद्धता:
राजस्थान आयकर विभाग ने जयपुर में बड़े पैमाने पर ‘प्रभात फेरी’ आयोजित की, जिसमें 500 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक शामिल हुए। यह स्वच्छ भारत दिवस पर सफाई और पर्यावरण जिम्मेदारी के संदेश फैलाने के लिए था। व्याख्या और लाभ: ‘प्रभात फेरी’ एक पारंपरिक तरीका है जो गांवों में प्रचलित है, लेकिन यहां इसे आधुनिक संदर्भ में इस्तेमाल किया गया। आम जनता इसमें शामिल होकर स्वच्छता के प्रति जागरूक हो सकती है। यदि आप जयपुर या किसी शहर में रहते हैं, तो स्थानीय पार्कों में ऐसे इवेंट्स जॉइन करें। लाभ: बेहतर स्वास्थ्य, क्योंकि स्वच्छ वातावरण से बीमारियां कम होती हैं। WHO के अनुसार, अस्वच्छता से सालाना लाखों मौतें होती हैं; यह अभियान इसे रोकता है। घर पर, आप सुबह की सैर के दौरान कचरा उठाकर योगदान दे सकते हैं। - दिल्ली में जीरो वेस्ट इवेंट – सस्टेनेबल प्रैक्टिसेस:
दिल्ली के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय ने सीआर बिल्डिंग में अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स के साथ जीरो वेस्ट इवेंट आयोजित किया। इसमें कचरे को उपयोगी और कलात्मक उत्पादों में बदलने की लाइव डेमो दी गई। व्याख्या और लाभ: जीरो वेस्ट का कॉन्सेप्ट है कि कोई चीज कचरा नहीं होती – सब रिसाइकल हो सकती है। आम जनता के लिए, घर पर प्लास्टिक बोतलों से प्लांटर्स बनाएं या पुराने कपड़ों से बैग्स। लाभ: पर्यावरण संरक्षण, क्योंकि भारत सालाना 62 मिलियन टन कचरा पैदा करता है। यह अभियान सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देता है, जहां वेस्ट वैल्थ बन जाता है। यदि आप एक स्टूडेंट हैं, तो स्कूल प्रोजेक्ट्स में इसे शामिल करें। - शिलांग में ‘वेस्ट टू आर्ट’ प्रदर्शनी – क्रिएटिविटी और सस्टेनेबिलिटी:
उत्तर पूर्वी क्षेत्र के आयकर विभाग ने शिलांग में ‘वेस्ट टू आर्ट’ प्रदर्शनी आयोजित की, जहां प्लास्टिक बोतल, मेटल वायर्स, क्लॉथ स्ट्रिप्स और नारियल शेल्स से दुर्गा, गणेश, ह्यूमन फिगर्स और एनिमल रेप्लिकास बनाए गए। व्याख्या और लाभ: यह कलात्मक तरीके से स्वच्छता सिखाता है। आम जनता के लिए, त्योहारों में ऐसे क्राफ्ट्स बनाकर पर्यावरण बचाएं। लाभ: क्रिएटिविटी बढ़ती है, और कचरा कम होता है। पूर्वोत्तर भारत में, जहां जैव विविधता अधिक है, यह अभियान लोकल कल्चर को इंटीग्रेट करता है। यदि आप आर्टिस्ट हैं, तो ऐसे इवेंट्स में भाग लें। - मुंबई में महालक्ष्मी चैंबर्स में सफाई ड्राइव और ग्रीन इनिशिएटिव:
मुंबई आयकर विभाग ने महालक्ष्मी चैंबर्स में सफाई और ब्यूटीफिकेशन ड्राइव चलाई, जिसमें वर्टिकल गार्डन इंस्टॉल किया और कंपाउंड वॉल पर पेड़ लगाए। व्याख्या और लाभ: वर्टिकल गार्डन शहरों में स्पेस की कमी में उपयोगी है। आम जनता के लिए, घर की बालकनी में ऐसा गार्डन बनाएं – इससे हवा शुद्ध होती है। लाभ: शहरी प्रदूषण कम होता है; मुंबई जैसे शहरों में जहां AQI अक्सर खराब रहता है, यह जीवन बचाता है।
ये पहलें दिखाती हैं कि अभियान केवल सफाई नहीं बल्कि इनोवेशन है। आम जनता को मदद: यदि आप सफाई मित्र हैं, तो SHS के तहत मेडिकल कैंप्स से फायदा मिलता है। सितंबर 2025 में ऐसे कैंप्स आयोजित किए गए, जहां सफाई कर्मियों की स्वास्थ्य जांच हुई।

उपलब्धियां और डेटा-आधारित विश्लेषण
अभियान के पहले दो हफ्तों में हासिल उपलब्धियां प्रभावशाली हैं:
- 700+ साइट्स पर सफाई ड्राइव।
- 12 लाख रुपये+ की स्क्रैप बिक्री।
- 42,000 फाइलें हटाई गईं।
- 50,000 वर्ग फुट स्पेस फ्री।
- 10,000+ शिकायतें निपटाई गईं।
- 300+ X पोस्ट्स से जन जागरूकता।
ये आंकड़े DARPG पोर्टल से हैं। तुलनात्मक रूप से, पिछले अभियान में 2024 तक 5 लाख फाइलें हटाई गईं; यह गति तेज है। आम जनता के लिए, यह मतलब है कि आपकी CPGRAMS पोर्टल पर शिकायतें अब तेज सॉल्व होंगी। यदि आपकी शिकायत लंबित है, तो eportal.incometax.gov.in पर चेक करें।
आम जनता के लिए लाभ और भागीदारी के तरीके
यह अभियान आम जनता की मदद कैसे करता है? सबसे पहले, कुशल प्रशासन से टैक्स प्रक्रियाएं तेज होती हैं – रिटर्न फाइलिंग, TDS रिफंड, आदि। दूसरा, स्वच्छता से स्वास्थ्य बेहतर होता है। तीसरा, पर्यावरण संरक्षण से जलवायु परिवर्तन से लड़ाई।
भागीदारी के तरीके:
- घर पर अपनाएं: कचरा सेग्रीगेट करें – वेट/ड्राई/ई-वेस्ट।
- समुदाय में: लोकल पार्क सफाई में शामिल हों; MyGov ऐप पर रजिस्टर करें।
- ऑनलाइन: X पर #SwachhBharat हैशटैग से शेयर करें।
- शिकायत दर्ज: CPGRAMS पर अपनी समस्या डालें; अभियान से जल्द निपटारा।
- क्राफ्टिंग: वेस्ट से आर्ट बनाकर लोकल इवेंट्स में भाग लें।
- प्लांटेशन: घर में गार्डन बनाएं; Tree Plantation ऐप्स यूज करें।
यदि आप छात्र हैं, तो स्कूल में स्वच्छता क्लब बनाएं। यदि व्यवसायी, तो ऑफिस में डिजिटलाइजेशन अपनाएं। यदि गृहिणी, तो घरेलू वेस्ट मैनेजमेंट सीखें।
स्वच्छता के ब्रॉडर इम्प्लिकेशंस और भविष्य
स्वच्छता केवल सफाई नहीं – यह स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सस्टेनेबिलिटी है। भारत में अस्वच्छता से सालाना 6.4% GDP लॉस होता है (World Bank)। यह अभियान इसे कम करता है। भविष्य में, स्पेशल कैंपेन 6.0 और अधिक डिजिटल हो सकता है, AI के साथ।
आम जनता को सलाह: स्वच्छता को आदत बनाएं। रोज 10 मिनट सफाई से शुरू करें। इससे आपका जीवन बेहतर होगा।
निष्कर्ष
स्पेशल कैंपेन 5.0 CBDT की एक सफल पहल है, जो स्वच्छता और दक्षता को जोड़ती है। यह आम जनता की मदद करता है तेज सेवाओं, बेहतर पर्यावरण और जागरूकता से। भाग लें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।













