एग्रीस्टैक क्या है और इसका उद्देश्य
एग्रीस्टैक भारत सरकार की एक प्रमुख डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को एक यूनिक फार्मर आईडी उपलब्ध कराना है। बिहार में इसे Bihar Farmer Registry (BHFR) के नाम से लागू किया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत किसानों की व्यक्तिगत जानकारी, भूमि रिकॉर्ड और सरकारी योजनाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी, बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुँचें और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
बिहार में एग्रीस्टैक को PM-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद-बीज अनुदान और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। रजिस्ट्रेशन के बाद किसान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत इन योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। राज्य सरकार एग्रीस्टैक के दूसरे चरण को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
2 से 6 फरवरी तक विशेष पंजीकरण अभियान
- अवधि: 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 (5 दिन का मिशन मोड अभियान)
- पंजीकरण स्थल: राज्य भर के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और वसुधा केंद्र
- शुल्क: किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले ₹15 सेवा शुल्क निर्धारित था, जिसे अब कृषि विभाग स्वयं वहन करेगा।
- पंजीकरण प्रक्रिया: किसान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और भूमि विवरण के साथ नजदीकी CSC या वसुधा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।
- ऑनलाइन स्थिति जाँच:
- bifr.agristack.gov.in
- bhfr.agristack.gov.in
यह अभियान विशेष रूप से PM-किसान योजना के लाभार्थी किसानों पर केंद्रित है।
जिलों के लिए प्रोत्साहन योजना
राज्य सरकार ने जिलों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि तय की है—
- जिन जिलों में PM-किसान लाभार्थियों का 50 प्रतिशत पंजीकरण पूरा होगा, उन्हें 1.5 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
- जिन जिलों में 35 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाएगा, उन्हें 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
यह प्रोत्साहन जिलों के कुल प्रदर्शन के आधार पर दिया जाएगा।
अब तक की प्रगति और सरकारी निर्देश
जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कृषि मंत्रालय की कार्यशाला में बिहार के प्रदर्शन की सराहना की गई। वैशाली, शेओहर, बक्सर, शेखपुरा और कटिहार जैसे जिले टॉप परफॉर्मर के रूप में सामने आए।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्यहित को प्राथमिकता देते हुए एग्रीस्टैक के कार्य में तेजी लाई जाए। वहीं कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा है कि हर रैयत और किरायेदार किसान का फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य किया जाए।
किसानों को क्या फायदा होगा
एग्रीस्टैक में पंजीकरण से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, तेज और बिना किसी बिचौलिए के मिलेगा। यह पहल खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
बिहार के किसान 2 से 6 फरवरी के बीच अपने नजदीकी CSC या वसुधा केंद्र पर जाकर इस अभियान का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल bhfr.agristack.gov.in या स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।













