
नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026: भारतीय राजनीति में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच मुकाबला अब भी सबसे गर्म टॉपिक बना हुआ है। इंडिया टुडे सी-वोटर के ताजा ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वे ने जनवरी 2026 में देश का मिजाज बिल्कुल साफ कर दिया है। सर्वे 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 तक चला, जिसमें 1.25 लाख से ज्यादा लोगों की राय ली गई। आंकड़े बताते हैं कि पीएम मोदी अभी भी मजबूत लीड में हैं, लेकिन राहुल गांधी लगातार ग्राउंड गेन कर रहे हैं।
- अगले प्रधानमंत्री के रूप में सबसे पसंदीदा चेहरा कौन?
- सर्वे में जब सीधा सवाल पूछा गया कि अगले पीएम के तौर पर कौन सबसे बेहतर होगा, तो नरेंद्र मोदी को 55% लोगों ने चुना। यह आंकड़ा अगस्त 2025 के 52% से बढ़ा है और अगस्त 2024 के 49% से काफी ऊपर। मोदी की लोकप्रियता में यह उछाल बावजूद महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सवालों के बीच आया है।
राहुल गांधी भी पीछे नहीं हैं—उन्हें 27% समर्थन मिला, जो अगस्त 2025 के 25% से बढ़ा है। जनवरी 2022 में यह सिर्फ 7% था, यानी चार साल में उनकी पसंदगी लगभग चार गुना हो गई। भारत जोड़ो यात्रा, लोकसभा में सक्रिय विपक्षी भूमिका, महंगाई-बेरोजगारी पर हमले और जाति जनगणना जैसे मुद्दों ने उन्हें काफी फायदा पहुंचाया है।
अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो?
सर्वे के प्रोजेक्शन के मुताबिक:
- एनडीए को 352 सीटें मिल सकती हैं (अगस्त 2025 से 28 सीटों की बढ़ोतरी)
- बीजेपी अकेले 287 सीटें पर पहुंच सकती है
- INDIA ब्लॉक को 182 सीटें (पिछले सर्वे से 26 कम)
वोट शेयर में भी एनडीए का दबदबा—47.4% के आसपास, जबकि INDIA गठबंधन 38.8% पर। यानी मोदी की अगुवाई में एनडीए फिर से मजबूत सरकार बना सकता है।
INDIA ब्लॉक की अगुवाई कौन करे?
विपक्षी गठबंधन के लीडरशिप पर राहुल गांधी सबसे आगे—29% लोगों ने उन्हें सबसे उपयुक्त बताया। ममता बनर्जी 7%, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव 6-6% पर। कांग्रेस के अंदर भी राहुल को 36% लोग पार्टी लीडर के तौर पर देखते हैं (अगस्त 2025 के 38% से थोड़ा कम)।
दोनों नेताओं की ताजा छवि और विवाद
- नरेंद्र मोदी: अप्रूवल रेटिंग 57% के आसपास। पड़ोसी देशों से रिश्ते सुधारने (51% सहमत), इकोनॉमी मैनेजमेंट (54% बेहतर मानते हैं) पर अच्छा स्कोर। लेकिन बेरोजगारी, महंगाई और ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों पर जनता बंटी हुई है।
- राहुल गांधी: लोकसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन के तौर पर 44% पॉजिटिव रेटिंग (थोड़ी गिरावट आई है)। ‘वोट चोरी’ के आरोप पर 40% लोग कहते हैं कि यह बड़ा मुद्दा है। ट्रंप टैरिफ, MGNREGA जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरना जारी।
क्यों बदला मूड?
मोदी अभी भी ‘सबसे बेहतर पीएम’ के तौर पर 50% वोट पा रहे हैं (इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी 12-12%)। लेकिन राहुल गांधी विपक्ष में सबसे मजबूत चेहरा बनकर उभरे हैं। बिहार, यूपी जैसे राज्यों में आने वाले विधानसभा चुनावों में यह मुकाबला और तेज हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है—मोदी का अनुभव, संगठन और ‘ब्रांड मोदी’ अभी भारी पड़ रहा है, लेकिन राहुल की बढ़ती लोकप्रियता 2029 के लोकसभा चुनाव में बड़ा खेल बदल सकती है। पटना से देखें तो बिहार में एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है, लेकिन विपक्ष भी कोशिश में जुटा है।













