Taza Views | अपडेट: 23 सितंबर 2025
Nutritionist किरण कुकरेजा बताती हैं व्रत में 5 सामान्य डाइट गलतियाँ जैसे ज़्यादा साबूदाना, प्रोटीन की कमी, आलू-भारी भोजन आदि, और बताती हैं कैसे रखें स्वस्थ व्रत। Navratri Vrat Diet
चर्चा का विषय
Navratri Vrat Diet
शारदीय नवरात्रि 2025 शुरू हो चुकी है, और भक्त व्रत के दौरान पूजा-पाठ के साथ-साथ खान-पान का भी खास ध्यान रखते हैं। लेकिन कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर देते हैं, जो व्रत के आध्यात्मिक लाभ के बजाय सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा के अनुसार ये 5 गलती अक्सर होती हैं: साबूदाना का ज़्यादा प्रयोग, प्रोटीन की कमी, आलू को हर डिश में इस्तेमाल, पैक्ड स्नैक्स का सेवन, और हर दिन एक जैसा खाना। इस लेख में जानेंगे कौन सी गलतियाँ हैं, उनका असर क्या हो सकता है, और इन्हें कैसे टाला जाए, ताकि व्रत सेहतमंद, ऊर्जा से भरा और भावनात्मक रूप से भी शांतिपूर्ण हो।

व्रत डाइट की पृष्ठभूमि — क्या खाना-क्या नहीं
व्रत का अर्थ है संयम, आत्म-शुद्धि और श्रद्धा। शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में लहसुन, प्याज, अनाज-दालें, नॉन-वेज, आदि से परहेज किया जाता है। परमपरागत व्रत-भोजन जैसे साबूदाना, कुत्तू (buckwheat), राजगीरा (amaranth), सिंघाड़े का आटा, आलू, शकरकंद आदि प्रमुख विकल्प हैं। साथ ही फल, दूध, दही एवं हल्की मिठाइयाँ काम आती हैं। AajTak
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5 आम गलतियाँ और उनके Health Risk
नीचे वे गलतियाँ हैं जो व्रत करते समय अक्सर होती हैं—और इनके नुकसान भी:
| # | गलती | क्या होता है / Health Risk | कैसे सुधार करें |
|---|---|---|---|
| 1. ज़्यादा साबूदाना (Too much sabudana) | साबूदाना बहुत स्टार्च वाला होता है। अधिक मात्रा में खाने से blood sugar spike, थकान महसूस होना, कमजोरी, ऊर्जा में गिरावट। AajTak | साबूदाना की मात्रा कम करें; अलग-अलग व्रत-खाद्य पदार्थ घोलें; जैसे साबूदाना + मूंगफली / दही / फल मिलाएँ ताकि प्रोटीन और फाइबर भी मिलें। | |
| 2. प्रोटीन की कमी (Skipping protein) | अनाज-दालें न खाने से शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड नहीं मिलते। इससे इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है और मांसपेशियाँ झड़ सकती हैं। AajTak | व्रत-उपयुक्त वस्तुओं में शामिल करें: दूध, दही, पनीर (agar ī allowed हो), मूंगफली, बादाम, seeds (चिया, तिल) आदि। | |
| 3. हर डिश में आलू का इस्तेमाल (Too much potato every dish) | आलू में कार्ब की मात्रा ज़्यादा होती है। लगातार आलू खाने से ब्लड शुगर और वजन बढ़ने का डर है। AajTak | आलू को सीमित करें; अन्य विकल्प जैसे शकरकंद, कद्दू, लौकी, भिंडी आदि vegetables शामिल करें; आलू को स्टीर-फ्राय / उबाल कर हल्का मसाला डालकर खाएँ। | |
| 4. पैक्ड व्रत स्नैक्स पर भरोसा (Packaged vrat snacks as healthy) | बाज़ार में “व्रत-सेफ़” लेबल वाले चिप्स-नमकीन अक्सर बमेले तेल, preservatives, unhealthy fats और salt से भरे होते हैं; digestion, cholesterol, पेट दर्द, high BP का risk बढ़ा सकते हैं। | घर पर हल्का तला-भुना / ग्रिल्ड / बेक्ड स्नैक्स बनाएं या healthy विकल्प चुनें; oil कम, sendha namak / rock salt इस्तेमाल करें। | |
| 5. रोज़ वही खाना दोहराना (Eating same dishes every day) | repeated एक ही तरह के भोजन से पोषण संतुलन बिगड़ता है; cravings बढ़ती हैं; vitamins/minerals deficiency हो सकती है। | मेनू को vary करें: एक दिन साबूदाना आधारित खिचड़ी, दूसरे दिन कुट्टू चीला, तीसरे दिन अमरनाथ आटे के पकवान; fruits, nuts, dairy को rotate करें। |
अतिरिक्त सुझाव — ध्यान देने योग्य बातें
- हाइड्रेशन: दिन में पर्याप्त पानी पियें; नारियल पानी, छाछ, फलों का रस शामिल करें। dehydration से डिहाइड्रेशन, सिर दर्द, कमिहारी हो सकती है। The Times of India
- भोजन के समय: देर रात भारी भोजन न करें; सूरज ढलने के बाद हल्का भोजन लेना बेहतर है।
- मसालों / तेल की गुणवत्ता: sendha namak / rock salt इस्तेमाल करें; तेल हल्का, sunflower / coconut oil हल्का हो तो बेहतर है।
सेहत पर असर / Long-term Risks
- ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव → डायबिटीज़ के रोगियों के लिए ख़तरा।
- विटामिन / मिनरल्स की कमी → थकान, झड़ती-झड़ती त्वचा, बालों की समस्या।
- पाचन से जुड़ी समस्याएँ: गैस, उठा-लेट खाना पेट भारी महसूस कराना।
- मोटापा / वज़न बढ़ना: आलू व साबूदाना उद्योग की ज़्यादा मात्रा में लेने से कैलोरी बढ़ जाती है।
संक्षिप्त मेनू सुझाव — Navratri diet 2025
- सुबह: नारियल पानी + फल जैसे केला / सेब
- ब्रेकफास्ट: कुट्टू चीला / राजगिरा पोहा + दही
- दोपहर: सब्जी + सिंघाड़े की रोटी / आलू-कद्दू की सब्जी + sendha namak
- शाम टिफिन: भुने चने + nariyal water / nuts mix
- रात: हल्का सब्जी / लौकी सूप + दूध या फल
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निष्कर्ष
नवरात्रि का व्रत देह और मन दोनों की शुद्धि का अवसर है — लेकिन यदि खानपान संतुलित नहीं हो, तो स्वास्थ्य पर विपरीत असर हो सकता है। इन 5 आम गलतियों से बचकर, संतुलित आहार और शुद्ध जीवनशैली अपनाकर आप व्रत के पूरे लाभ उठा सकते हैं: ऊर्जा बनी रहेगी, भक्ति का अनुभव गहरा होगा, और शरीर भी स्वस्थ रहेगा।
FAQs (6)
- Q: क्या साबूदाना पूरी तरह वर्जित है व्रत में?
A: नहीं – साबूदाना व्रत-उपयुक्त भोजन है, लेकिन ज़्यादा मात्रा में इस्तेमाल से ब्लड शुगर बढ़ सकता है और थकान महसूस हो सकती है। - Q: व्रत में प्रोटीन कहां से मिलेगा?
A: दूध, दही, पनीर (agar allowed हो), नट्स, सीड्स जैसे बादाम, मूंगफली और राजगिरा, सिंघाड़ा के आटे से। - Q: पैक्ड व्रत स्नैक्स से कितना सावधान रहें?
A: बहुत – पैक्ड हेल्दी लगने वाले snacks अक्सर तले हुए होते हैं और तेल, नमक / preservatives ज्यादा होते हैं। - Q: क्या आलू पूरी तरह हटा देना चाहिए व्रत डाइट से?
A: नहीं; आलू व्रत में उपयोग हो सकता है लेकिन हर डिश में आलू लगाने से बचें क्योंकि स्टार्च बढ़ता है। - Q: क्या व्रत करते समय पानी / तरल चीजें कम लेनी चाहिए?
A: बिल्कुल नहीं; हाइड्रेशन बहुत ज़रूरी है – नारियल पानी, छाछ, फल के रस, पानी नियमित रूप से लें। - Q: क्या रोज़ एक जैसा खाना खाएं तो कोई बुरा असर होगा?
A: हाँ; विविधता की कमी से पोषण सम्बन्धी कमी हो सकती है, cravings बढ़ सकती हैं और मन भी उबाऊ हो सकता है।













