पटना, अगस्त 2025 — बिहार की राजनीति फिर गरम बा, काहे कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि वे केवल केंद्र सरकार (एनडीए) के साथ गठबंधन में हैं, लेकिन राज्य सरकार से उनका गठबंधन नहीं है। उनका उद्देश्य साफ़ है — बिहार की जनता की समस्याओं को खुलकर उठाना, चाहे वो कानून-व्यवस्था, शिक्षा, अपराध या विकास से जुड़ा हो। सोचऽ, कितना ताज़ा और सटीक बयान बा — “राहत नहीं, सवाल उठाना मेरा फ़र्ज़ है।”
चर्चा का विषय
1. एलेन्स, लेकिन “सेंटर में साथ, स्टेट में स्वतंत्र”
चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी केवल केंद्र में एनडीए की सहयोगी है, राज्य सरकार—मतलब, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू नेतृत्व वाली सरकार—के साथ उनका कोई गठबंधन नहीं है। उन्होंने यह बात Economic Times में दिए इंटरव्यू में कही, जहाँ उनका बयान था:
“हम केंद्र में गठबंधन में हैं, लेकिन बिहार में मैं स्वतंत्र हूँ। जनता की चिंता उठाना ही मेरा कर्तव्य है।”
नीतीश सरकार से दूरी बनाए रखते हुए भी उन्होंने अपने गठबंधन को मजबूत रखने की बात कही—सरकार की आलोचना करना उनका राजनीतिक धर्म है, गठबंधन नहीं तोड़ना।
यहाँ पढ़े :– In alliance with Centre, not State; raising concerns is my responsibility: Chirag Paswan
2. अपराध और कानून-व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी
बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश सरकार पर काफ़ी जोरदार हमला बोला है। NDTV रिपोर्ट में उन्होंने एक दिन Paras Hospital, पटना में खुलेआम गोलीकांड का हवाला देते हुए कहा कि यह राज्य में अपराधियों की हिम्मत और प्रशासन की कमजोरी को दर्शाता है।
उनका कहना था:
“मुर्दों जैसी बज रही कानून व्यवस्था — अस्पताल में खुली गोली, ये साफ़ दिखाता है कि राज्य सरकार जवाबदेह नहीं है। कानून-व्यवस्था तो राज्य का काम है।”
— चिराग पासवान
एकदम पब्लिक-फ्रेंडली अंदाज—जहाँ जनता को लगता है कि कोई उनके साथ खड़ा है, सवाल उठा रहा है।

3. पुल दुर्घटनाओं पर ज़िम्मेदारी तय करने की मांग
पिछले दिनों बिहार के कई जिलों—जैसे सिवान, किशनगंज, मधुबनी आदि—में पुल गिरने के मामलें सामने आए। इस पर चिराग पासवान ने स्पष्ट रूप से कहा:
“यह पूरे बिहार के लिए गंभीर समस्या है। हमें हार्ड फिक्स करना पड़ेगा—ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए, दोषी को सज़ा मिले।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्माण में कोटावादी गुणवत्ता या भ्रष्टाचार हुआ, तो जांच और जवाबदेही अनिवार्य है।
— ANI/TOI
समा हिल जाए लेकिन जवाबदेही हो—ई उनका साफ संदेश बा।
4. “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट”—दूरगामी विज़न
चिराग पासवान का यह नारा—Bihar First, Bihari First—उनकी राजनीतिक पहचान बन चुका है। यह अभियान विकास-केन्द्रित, युवा-प्रेरित और पारदर्शी प्रशासकीय सुधार की दिशा में है। उनका मकसद है:
- बिहार में इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, रोजगार और स्वरोज़गार का विकास।
- मज़बूत औद्योगिक और शिक्षा केंद्र बनाना ताकि युवा बिहार से बाहर न जाएँ।
- पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार बनाना।
2025 में उन्होंने इस रोडमैप को फिर से सक्रिय कर दिया है, जिसमें घोषणाएँ हुईं—जैसे “नव संकल्प महा सभाएं”, सब सीटों पर चुनावी लड़ाई, और जनता से सीधा जुड़ाव।
5. अन्य गंभीर मुद्दों पर चिराग की प्रतिक्रिया
(a) दलित बच्ची की दर्दनाक मौत
मुज़फ़्फ़रपुर में एक दलित बालिका की मौत पर चिराग ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा:
“यह केवल एक मासूम की barbaric मौत नहीं, यह बिहार की कानून-व्यवस्था और समाज के नैतिक ढांचे का पतन है।”
उन्होंने उच्च न्यायिक जाँच, दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई और स्वास्थ्य तंत्र में जवाबदेही की मांग की।
— ABP Live
(b) शिक्षक नियुक्ति विवाद
शिक्षक भर्ती में आर्थिक और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों की नियुक्ति पर चिराग ने नाराज़गी जताई:
“पेपर टॉपर्स नहीं, पैसा-राजनीति वाले शिक्षक बनते रहे, ये काबिले-ए-ग़ौर नहीं है।”
— PatnaPress
6. विपक्ष और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
(a) तेजस्वी यादव की तंज़पूर्ण आलोचना
Tejashwi Yadav ने चिराग पर निशाना साधते हुए कहा:
“आप संसदीय गठबंधन का हिस्सा होते हुए कैसे उसी सरकार की आलोचना कर सकते हैं? लगता है आपको केवल ‘कुर्सी से प्यार’ है।”
फ़िर उनकी बहन रोहिनी ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि चिराग संसद में नहीं होते लेकिन बातें ज़ोर-शोर से करते हैं।
— TOI
(b) नया रणनीतिक संकेत?
कुछ विश्लेषक मानते हैं कि चिराग की यह स्थिति—एनडीए में बने रहना लेकिन राज्य में अलग राह चलना—उनका नया राजनीतिक मॉडल हो सकता है, जो उन्हें सीधे जनता से जोड़ता है। यह रणनीति उन्हें युवा बीच, खासकर शिकायती माहौल में, लाभ पहुंचा सकती है।
7. व्यापक सारांश और निष्कर्ष
| विषय | सारांश |
|---|---|
| गठबंधन स्थिति | केंद्र में एनडीए के साथ, लेकिन बिहार सरकार से अलग |
| अपराध व कानून-व्यवस्था | राज्य सरकार की नाकामी पर सीधी टिप्पणी और सुधार की मांग |
| लोक संरचना और पुल हादसे | जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार रोकने की जोरदार अपेक्षा |
| बिहार परिवर्तन अभियान | “Bihar First, Bihari First” विज़न से युवा और विकास जोड़ना |
| संवेदनशील मुद्दों पर प्रतिक्रिया | दलित बच्ची की मौत और शिक्षक भर्ती पर खुली आलोचना |
| विपक्ष की प्रतिक्रिया | तेजस्वी Yadav और अन्य नेताओं ने विरोध किया |
| जनता पर प्रभाव | साफ-गोई, मुक्त आवाज़ युवा और ग्रामीण मतदाताओं में असरदार |
कुर्सी से प्यार नहीं, जनता से — चिराग पासवान ने बिहार सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि उनका सफर अब जनता की बातों से जुड़ा है।”













