तेज प्रताप यादव का सनसनीखेज बयान: ‘आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत चुनूंगा’, परिवार से दूरी लेकिन आशीर्वाद का दावा

तेज प्रताप यादव ने कहा मारना पसंद करूंगा राजद में वापस नहीं लौटूंगा , बिहार विधानसभा चुनाव 2025

पटना, 25 अक्टूबर 2025 – बिहार की राजनीति में यादव परिवार का एक नया विवादास्पद अध्याय जुड़ गया है। पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने पीटीआई वीडियो को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि वे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में लौटने से बेहतर मौत चुन लेंगे। यह बयान कुछ महीनों पहले उनके पिता लालू प्रसाद यादव द्वारा पार्टी से निष्कासन के बाद आया है। तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल (JJD)’ बनाई है और महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं – वही सीट जहां से उन्होंने 2015 में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। अगर आप बिहार चुनाव 2025, तेज प्रताप यादव RJD निष्कासन, या यादव परिवार विवाद की ताजा खबर सर्च कर रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए है। आइए जानते हैं इस बयान के पीछे की पूरी कहानी, परिवार की गतिशीलता, और राजनीतिक निहितार्थ। सोर्स

तेज प्रताप का यह बयान बिहार की राजनीति में भूचाल ला सकता है, खासकर जब आरजेडी इंडिया गठबंधन के बैनर तले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। वे सत्ता की भूखे नहीं, बल्कि सिद्धांतों और आत्मसम्मान की राजनीति करने का दावा कर रहे हैं। महुआ में प्रचार के दौरान उन्होंने कहा, “मैं RJD में लौटने से अच्छा मौत चुनूंगा।” यह बयान न केवल परिवार के आंतरिक कलह को उजागर करता है, बल्कि तेज प्रताप की नई राजनीतिक महत्वाकांक्षा को भी दर्शाता है।

तेज प्रताप का राजनीतिक सफर: निष्कासन से नई पार्टी तक

तेज प्रताप यादव बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे के रूप में 2015 में महुआ से विधायक बने। वे बिहार सरकार में मंत्री भी रहे, लेकिन परिवार के आंतरिक मतभेदों और कुछ विवादास्पद घटनाओं के कारण उनकी छवि प्रभावित हुई। कुछ महीने पहले लालू प्रसाद यादव ने उन्हें आरजेडी से निष्कासित कर दिया, जिसके बाद तेज प्रताप ने स्वतंत्र राह चुनी।

  • नई पार्टी JJD: जनशक्ति जनता दल (JJD) का गठन किया, जिसका सिंबल ब्लैकबोर्ड है। वे महुआ से उम्मीदवार हैं, जहां वे जनता के बीच अपनी पकड़ का दावा कर रहे हैं।
  • प्रचार रणनीति: नामांकन पत्र में दादी मारीचिया देवी की तस्वीर लगाई। उनके साथ एक बुजुर्ग स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्होंने महात्मा गांधी को देखा था। यह प्रचार आस्था और विरासत पर फोकस करता है।
  • जनता से अपील: तेज प्रताप कहते हैं, “लोग कहते हैं कि जब मैं विधायक था तो उनकी समस्याओं का समाधान होता था, अब उन्हें मदद के लिए कोई नहीं मिलता।” वे सत्ता के भूखे न होने का दावा करते हुए कहते हैं, “मैं सिद्धांतों की राजनीति करता हूं और मेरे लिए आत्मसम्मान सबसे जरूरी है।”

तेज प्रताप का यह रुख एनडीए सरकार (बीजेपी-आरएसएस) पर भी हमला है। उन्होंने कहा, “जनता उनके षड्यंत्रों में नहीं फंसेगी और बदलाव चाहती है।” प्रशांत किशोर को उन्होंने “सिर्फ एक व्यापारी” कहा, जो राजनीतिक दलों के लिए प्रचार और संसाधन जुटाने का काम करता है।

यहाँ पढ़े :- छठ पूजा 2025: खरना की रस्में – बिहारी आस्था का जश्न, जो दिल को छू जाता है

परिवार की गतिशीलता: लालू-तेजस्वी से दूरी, लेकिन आशीर्वाद का दावा

यादव परिवार की राजनीति हमेशा से चर्चा में रही है, लेकिन तेज प्रताप का बयान परिवार के विभाजन को और गहरा कर रहा है।

  • लालू प्रसाद यादव के साथ: निष्कासन के बाद परिवार से बातचीत कुछ समय से बंद है। तेज प्रताप कहते हैं, “हमारी (माता-पिता से) कुछ समय से बात नहीं हुई है, लेकिन मुझे पता है कि उनके आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ हैं।” वे दादी मारीचिया देवी का जिक्र करते हुए कहते हैं, “मेरे पिता को राजनीति में आशीर्वाद उन्हीं का मिला था।”
  • तेजस्वी यादव के साथ: छोटे भाई तेजस्वी को वे आशीर्वाद देते हैं। “वह मेरा छोटा भाई है, उसे मेरा आशीर्वाद हमेशा रहेगा। मैं उस पर सुदर्शन चक्र नहीं चला सकता।” हालांकि, वे सत्ता पर तंज कसते हुए कहते हैं, “घोषणाएं करना नेताओं की आदत होती है, लेकिन सत्ता उसी को मिलती है जिसे जनता का आशीर्वाद मिलता है।” तेजस्वी इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, और यह बयान आरजेडी के लिए चुनौती पैदा कर सकता है।
  • कुल मिलाकर: तेज प्रताप परिवार से नाराज नहीं, लेकिन राजनीतिक रूप से अलग। वे कहते हैं, “राजनीति में रिश्ते से ज्यादा जरूरी जनता का भरोसा होता है।” महुआ की जनता को वे अपना परिवार मानते हैं।

यहाँ पढ़ें :- बिहार विधानसभा चुनाव 2025: दो चरणों में मतदान, 6 और 11 नवंबर को वोटिंग, 14 नवंबर को नतीजे

तेज प्रताप के मुख्य उद्धरण: बयानबाजी की झलक

तेज प्रताप के इंटरव्यू से कुछ चुनिंदा उद्धरण, जो उनकी मानसिकता को दर्शाते हैं:

  • “मैं RJD में लौटने से अच्छा मौत चुनूंगा।”
  • “मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं। मेरे लिए सिद्धांत और आत्मसम्मान सबसे ऊपर हैं।”
  • “मैं लोगों के लिए काम करता हूं और लोग मुझसे प्यार करते हैं, मुझ पर भरोसा करते हैं।”
  • “मैं जनता के आशीर्वाद से चुनाव जीतेंगे, न कि किसी पार्टी के नाम पर।”
  • “हम सत्ता की राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि लोगों की सेवा करने के लिए मैदान में हैं।”

ये बयान तेज प्रताप की स्वतंत्र छवि बनाने की कोशिश को दिखाते हैं।

तेज प्रताप यादव का बयान वापस कभी नहीं जाऊंगा मौत मंजूर है पर वापसी नहीं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025
तेज प्रताप यादव का आया बयान

राजनीतिक निहितार्थ: बिहार चुनाव 2025 पर असर

तेज प्रताप का यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महत्वपूर्ण है। महुआ सीट पर उनका चुनाव आरजेडी के लिए चुनौती है, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ का दावा कर रहे हैं। परिवार के विभाजन से आरजेडी की आंतरिक एकता प्रभावित हो सकती है, खासकर लालू परिवार के नेतृत्व में।

  • आरजेडी पर असर: तेज प्रताप का निष्कासन पहले से ही पार्टी में असंतोष पैदा कर चुका है। उनका स्वतंत्र उम्मीदवारी वोट स्प्लिट कर सकता है।
  • एनडीए का फायदा: तेज प्रताप का एनडीए पर हमला विपक्षी एकता को कमजोर कर सकता है। प्रशांत किशोर पर तंज से जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
  • भविष्य: तेज प्रताप JJD को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो सिद्धांत-आधारित राजनीति का दावा करता है। अगर वे महुआ जीत जाते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में नया ध्रुवीकरण ला सकता है।

रिसर्च से पता चलता है कि बिहार में पारिवारिक राजनीति हमेशा विवादास्पद रही है, और यादव परिवार का यह विभाजन 2025 चुनाव को और रोचक बना देगा।

यहाँ पढ़ें :- “गजब आदमी है भाई”: तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर तंज, वायरल वीडियो ने बढ़ाई सियासी हलचल

प्रतिक्रियाएं और सोशल मीडिया पर हलचल

इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर तेज प्रताप के बयान ने तहलका मचा दिया। X (पूर्व ट्विटर) पर #TejPratapYadav और #YadavFamilySplit ट्रेंड कर रहा है। कुछ रिएक्शंस:

  • एक यूजर ने लिखा: “तेज प्रताप का बयान परिवार को तोड़ने वाला है, लेकिन जनता क्या कहेगी?”
  • दूसरा: “आरजेडी में लौटने से मौत? ये तो लालू जी के बेटे का विद्रोह है!”
  • आरजेडी समर्थक: “तेज प्रताप भटक गए हैं, परिवार पहले है।”

आरजेडी या परिवार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन तेज प्रताप का प्रचार जारी है।

निष्कर्ष: बिहार राजनीति में नया मोड़

तेज प्रताप यादव का यह बयान न केवल परिवार के आंतरिक कलह को उजागर करता है, बल्कि बिहार की राजनीति में सिद्धांत-आधारित स्वतंत्र राह की मिसाल भी पेश करता है। महुआ चुनाव में उनकी सफलता आरजेडी के लिए झटका साबित हो सकती है। क्या तेज प्रताप जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे? बिहार चुनाव 2025 की दिशा तय करने वाले इस सवाल का जवाब वोटर देंगे। अपडेट्स के लिए बने रहें।

कीवर्ड्स: तेज प्रताप यादव RJD, तेज प्रताप निष्कासन, यादव परिवार विवाद, बिहार चुनाव 2025, JJD पार्टी, महुआ विधानसभा चुनाव।

अपने दोस्तों शेयर करे :-

हमसे जुड़ने के लिए फॉलो जरूर करें

Related Posts

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: सरकार कह रही है “किसानों के हितों की हिफ़ाज़त”, किसान संगठनों ने जताईं गंभीर आपत्तियाँ

नई दिल्ली | फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित इंटरिम ट्रेड समझौते (India-US Trade Deal) ने

Read More »

अमेरिका–इज़राइल बनाम ईरान: मिडिल ईस्ट में बड़ा सैन्य संघर्ष, युद्ध के आसार

ताज़ा अपडेट | 28 फ़रवरी 2026अमरीका और इज़राइल ने शनिवार को ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे

Read More »

Khawaja Asif का बड़ा बयान: Pakistan–Afghanistan के बीच फुल-स्केल वॉर की चेतावनी, सीमा पर बढ़ा तनाव

इस्लामाबाद/काबुल | विस्तृत रिपोर्ट पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सीमा तनाव अब एक नए स्तर पर पहुंचता दिखाई दे

Read More »

मैक्सिको में ड्रग कार्टेल सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: कई शहरों में गोलीबारी, सरकार अलर्ट पर

मेक्सिको सिटी | ताजा रिपोर्टमैक्सिको में एक कुख्यात ड्रग कार्टेल सरगना की मौत के बाद कई प्रांतों में हिंसा भड़क उठी

Read More »

खनन और विकास ले रहे हैं प्रकृति की जान: कोरापुट की हरियाली पर गहराता संकट

कोरापुट (ओडिशा)। पूर्वी घाट की गोद में बसा Koraput कभी अपनी हरियाली, झरनों, पहाड़ियों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना

Read More »

बिहार भूमि विभाग में बड़ा ऐलान — उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रमोशन और आर्थिक सहायता की घोषणा की

पटना | फरवरी 2026बिहार सरकार ने भूमि विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा

Read More »

फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या: सुरक्षा खामियों पर बड़ा सवाल

फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल में बंद आतंकवाद के एक गंभीर आरोप में गिरफ्तारी का

Read More »
IAS coaching in Kolkata

How to Choose the Right IAS Coaching Centre in Kolkata

Preparing for the Civil Services Examination requires a lot more than determination. The syllabus is extensive, and the competition is intense, which means that a student must have clarity of direction essential. Choosing the right IAS coaching centre in Kolkata can impact an aspirant’s preparation for the better.

Read More »

खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: बिहार–यूपी के खेतों से शुरू हुई डिजिटल क्रांति, सरकारी आंकड़े बता रहे नई तस्वीर

नई दिल्ली/पटना/लखनऊ। भारतीय खेती अब केवल मौसम और अनुभव पर निर्भर नहीं रही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और सैटेलाइट डेटा के

Read More »

वैभव सूर्यवंशी का बड़ा फैसला: पढ़ाई से पहले क्रिकेट को दी प्राथमिकता, करियर के निर्णायक मोड़ पर युवा बल्लेबाज़

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले से निकलकर राष्ट्रीय क्रिकेट मंच तक अपनी पहचान बना चुके युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने अपने

Read More »

ISRO का ‘निसार’ उपग्रह देगा देशभर में हर 13 दिनों में मिट्टी की नमी डेटा: कैसे बदल सकता है भारत की कृषि

नई दिल्ली | फरवरी 2026 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने नासा-ISRO सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) उपग्रह के बारे में

Read More »

वैभव सूर्यवंशी: अंडर-19 हीरो अब बोर्ड परीक्षा मोड में, CBSE 10वीं एडमिट कार्ड जारी

समस्तीपुर | फरवरी 2026भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी के लिए अब एक और बड़ी चुनौति सामने आ

Read More »

ISRO को चंद्रयान-4 मिशन में बड़ी सफलता, यह भारतीय अंतरिक्ष अभियान चाँद से धरती लौटेगा

नई दिल्ली | फरवरी 2026 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को चंद्रयान-4 मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी सफलता हासिल हुई

Read More »

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: सरकार कह रही है “किसानों के हितों की हिफ़ाज़त”, किसान संगठनों ने जताईं गंभीर आपत्तियाँ

नई दिल्ली | फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित इंटरिम ट्रेड समझौते (India-US Trade Deal) ने

Read More »
UGC 2026 क्या है मामला

UGC 2026: ‘शिक्षा सुधार’ के नाम पर डर, नियंत्रण और राजनीतिक एजेंडा — क्यों बढ़ता जा रहा है विवाद?

भारत की शिक्षा व्यवस्था पहले ही संसाधनों की कमी, बेरोज़गारी और गिरती गुणवत्ता से जूझ रही है। ऐसे समय में मोदी

Read More »
Need Help?