ISRO का ‘निसार’ उपग्रह देगा देशभर में हर 13 दिनों में मिट्टी की नमी डेटा: कैसे बदल सकता है भारत की कृषि

नई दिल्ली | फरवरी 2026

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने नासा-ISRO सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) उपग्रह के बारे में अहम जानकारी साझा की है, जिसके अनुसार यह मिशन भारतीय भूभाग का उच्च-रिज़ॉल्यूशन मिट्टी की नमी (soil moisture) डेटा लगभग हर 12–13 दिनों में दो बार उपलब्ध कराएगा। इससे खेती, जल संसाधन प्रबंधन और सूखे की तैयारियों में बेहद मदद मिलेगी।

हर 12–13 दिनों में 100 मीटर रिज़ॉल्यूशन डेटा

NISAR उपग्रह एस-बैंड और एल-बैंड रडार का उपयोग करता है, जिससे यह हर लगभग 12 दिनों में दो बार देशभर का 100 मीटर high-resolution मिट्टी की नमी डेटा एकत्र करता है। इस डेटा के ज़रिये किसानों, योजनाकारों और वैज्ञानिकों को मिट्टी की नमी के बारे में लगभग वास्तविक-समय जानकारी मिलेगी।

इस मिट्टी की नमी डेटा से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि:

  • मिट्टी कितनी नम है
  • सिंचाई की ज़रूरत कब और कहाँ है
  • सूखे की संभावना कितनी है
  • जल संसाधन और भूजल प्रबंधन कैसे बेहतर किया जा सकता है

कृषि और जल प्रबंधन को मिलेगा बड़ा फायदा

इसरो ने बताया है कि मिट्टी की नमी कृषि उत्पादन का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। इससे फसल स्वास्थ्य, सिंचाई योजना और सूखे के जोखिम का विश्लेषण बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

NISAR के द्वारा उपलब्ध कराया गया डेटा इस तरह से तैयार होता है कि वह भारत के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक समान और भरोसेमंद अनुमान दे सके — चाहे वह सिचाई वाले मैदानी इलाक़े हों, वर्षा पर निर्भर खेत हों, अर्ध-शुष्क क्षेत्र हों या ज़्यादा वर्षा वाले ज़ोन हों।

राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर उपयोग

ISRO के अनुसार यह डेटा नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) में लेवल-4 प्रोडक्ट के रूप में तैयार होगा और भूनिधि पोर्टल के ज़रिये किसानों, शोधकर्ताओं, सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे:

  • जिलों और कृषि समुदायों के स्तर पर मिट्टी की नमी की नज़दीकी निगरानी संभव होगी
  • सिंचाई योजना और सूखे के लिए तैयारी बेहतर होगी
  • कृषि-मौसम सलाह और स्थानीय जल प्रबंधन को सहायता मिल सकेगी

NISAR मिशन: विज्ञान से कृषि तक

NISAR उपग्रह अंतरिक्ष और कृषि के बीच पुल का काम करेगा। यह न केवल मिट्टी में नमी का डेटा देगा बल्कि व्यापक पैमाने पर कृषि और जल-व्यवस्था को वैज्ञानिक रूप से समझने और बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।

यह मिशन नासा (NASA) और भारत (ISRO) दोनों की साझेदारी का परिणाम है और इसे विश्व के सबसे उन्नत पृथ्वी-निगरानी उपग्रहों में से एक माना जाता है। उपग्रह का डेटा लगातार उपलब्ध होने से कृषि, जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों की योजना में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है।


न्यूज़ डेस्क


अपने दोस्तों शेयर करे :-

हमसे जुड़ने के लिए फॉलो जरूर करें

Related Posts

अमेरिका–इज़राइल बनाम ईरान: मिडिल ईस्ट में बड़ा सैन्य संघर्ष, युद्ध के आसार

ताज़ा अपडेट | 28 फ़रवरी 2026अमरीका और इज़राइल ने शनिवार को ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे

Read More »

Khawaja Asif का बड़ा बयान: Pakistan–Afghanistan के बीच फुल-स्केल वॉर की चेतावनी, सीमा पर बढ़ा तनाव

इस्लामाबाद/काबुल | विस्तृत रिपोर्ट पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सीमा तनाव अब एक नए स्तर पर पहुंचता दिखाई दे

Read More »

मैक्सिको में ड्रग कार्टेल सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: कई शहरों में गोलीबारी, सरकार अलर्ट पर

मेक्सिको सिटी | ताजा रिपोर्टमैक्सिको में एक कुख्यात ड्रग कार्टेल सरगना की मौत के बाद कई प्रांतों में हिंसा भड़क उठी

Read More »

खनन और विकास ले रहे हैं प्रकृति की जान: कोरापुट की हरियाली पर गहराता संकट

कोरापुट (ओडिशा)। पूर्वी घाट की गोद में बसा Koraput कभी अपनी हरियाली, झरनों, पहाड़ियों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना

Read More »

बिहार भूमि विभाग में बड़ा ऐलान — उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रमोशन और आर्थिक सहायता की घोषणा की

पटना | फरवरी 2026बिहार सरकार ने भूमि विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा

Read More »

फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या: सुरक्षा खामियों पर बड़ा सवाल

फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल में बंद आतंकवाद के एक गंभीर आरोप में गिरफ्तारी का

Read More »
IAS coaching in Kolkata

How to Choose the Right IAS Coaching Centre in Kolkata

Preparing for the Civil Services Examination requires a lot more than determination. The syllabus is extensive, and the competition is intense, which means that a student must have clarity of direction essential. Choosing the right IAS coaching centre in Kolkata can impact an aspirant’s preparation for the better.

Read More »

खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: बिहार–यूपी के खेतों से शुरू हुई डिजिटल क्रांति, सरकारी आंकड़े बता रहे नई तस्वीर

नई दिल्ली/पटना/लखनऊ। भारतीय खेती अब केवल मौसम और अनुभव पर निर्भर नहीं रही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और सैटेलाइट डेटा के

Read More »

वैभव सूर्यवंशी का बड़ा फैसला: पढ़ाई से पहले क्रिकेट को दी प्राथमिकता, करियर के निर्णायक मोड़ पर युवा बल्लेबाज़

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले से निकलकर राष्ट्रीय क्रिकेट मंच तक अपनी पहचान बना चुके युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने अपने

Read More »

वैभव सूर्यवंशी: अंडर-19 हीरो अब बोर्ड परीक्षा मोड में, CBSE 10वीं एडमिट कार्ड जारी

समस्तीपुर | फरवरी 2026भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी के लिए अब एक और बड़ी चुनौति सामने आ

Read More »

ISRO को चंद्रयान-4 मिशन में बड़ी सफलता, यह भारतीय अंतरिक्ष अभियान चाँद से धरती लौटेगा

नई दिल्ली | फरवरी 2026 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को चंद्रयान-4 मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी सफलता हासिल हुई

Read More »

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: सरकार कह रही है “किसानों के हितों की हिफ़ाज़त”, किसान संगठनों ने जताईं गंभीर आपत्तियाँ

नई दिल्ली | फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित इंटरिम ट्रेड समझौते (India-US Trade Deal) ने

Read More »
UGC 2026 क्या है मामला

UGC 2026: ‘शिक्षा सुधार’ के नाम पर डर, नियंत्रण और राजनीतिक एजेंडा — क्यों बढ़ता जा रहा है विवाद?

भारत की शिक्षा व्यवस्था पहले ही संसाधनों की कमी, बेरोज़गारी और गिरती गुणवत्ता से जूझ रही है। ऐसे समय में मोदी

Read More »

बिटकॉइन मार्केट आउटलुक 2026: तेज गिरावट के बाद निर्णायक मोड़ पर क्रिप्टो बाजार

नई दिल्ली | फरवरी 2026 वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार साल 2026 की शुरुआत में गंभीर अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है।

Read More »

PM मोदी का मलेशिया दौरा: भारतीय समुदाय को संबोधित, द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा

कुआलालंपुर (मलेशिया) | फरवरी 7, 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय मलेशिया दौरे के दौरान शनिवार को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय

Read More »
Need Help?